ये हैं वो 12 वजहें जिनके चलते भारतीय पायलट को छोड़ने पर मजबूर हुआ है Pakistan




Pulwama में हुए आतंकी हमले के बाद जिस तेजी से भारत Pakistan के परिदृश्‍य में बदलाव आया है उसको लेकर पूरा विश्‍व चिंतित है। इसकी चिंता के सबसे बड़ी वजह Pakistan की कार्रवाई है जो उसने बुधवार की है। Pakistan ने माना है कि भारत का एक पायलट उनके कब्‍जे में है। इसके लिए बाकायदा Pakistan ने तीन Video भी रिलीज किए थे। इनमें से एक Video में पायलट के साथ मारपीट करते दिखाया गया था। दूसरे Video में पायलट को अपनी जानकारी देते हुए दिखाया गया था। तीसरे Video में पायलट को चाय का कप हाथ में लिए बेहतर माहौल में दिखाया गया था। तीनों Video वायरल होने के बाद Pakistan ने सबसे पहले रिलीज किए गए Video को हटा लिया, जिसमें पायलट के साथ मारपीट करते हुए कुछ लोगों और जवानों को दिखाया गया था। इसके बाद Pakistan की तरफ से बार-बार भारत को कटघरे में खड़ा करते हुए यह बात कही गई कि Pakistan वार्ता और शांति चाहता है लेकिन भारत माहौल को खराब करने में लगा है। इन सभी घटनाओं को पूरी दुनिया ने देखा है।

इसके बाद Pakistan की संसद के संयुक्‍त सत्र में प्रधानमंत्री ने इस बात की घोषण की कि Indian pilot को शुक्रवार को रिहा कर दिया जाएगा। इमरान खान ने बार-बार कहा कि उन्‍होंने लगातार PM Modi से तनाव कम करने और वार्ता करने की अपील की है। इन कोशिशों के तहत ही Pakistan गुडविल मैसेज देते हुए Indian pilot को रिहा कर देगा। लेकिन Pakistan की तरफ से आए इन बयानों में कितनी सच्‍चाई है इन पर भी गौर कर लेना बेहद जरूरी है। ऑर्ब्‍जरवर रिसर्च फाउंडेशन के प्रोफेसर हर्ष वी पंत का साफ कहना है कि Pakistan हिरासत में लिए गए Indian pilot के जरिए मोलभाव करने की गलती कर रहा है। उनका साफ कहना है कि Pakistan को आज नहीं तो कल Indian pilot को सकुशल छोड़ना ही पड़ेगा। इसके अलावा Pakistan के पास और कोई चारा नहीं है। पंत का यह भी मानना है कि भले ही Indian pilot युद्धबंदी नहीं हैं लेकिन जेनेवा में इसको लेकर कोई सटीक परिभाषा भी आज तक तय नहीं हो सकी है। यही वजह है कि दूसरे देश के बंदी बनाए गए जवान पर जेनेवा कंवेशन लागू होती रही है। Pakistan को भी इसके ही मुताबिक काम करना होगा।


अब जबकि Pakistan ने यह फैसला कर ही लिया है तो आपको यहां पर बता देते हैं कि इस फैसले के पीछे क्‍या वजह थीं।

  • आपको बता दें कि Pakistan द्वारा Indian pilot को गिरफ्तार करने के बाद भारत ने दिल्‍ली स्थित Pakistan के राजदूत को तलब कर Indian pilot को रिहा करने की बात कही थी। इसके अलावा Pakistan सरकार को आधिकारिक पत्र भी लिखा था।
  • Pakistan ने खुद Video जारी कर कहा था कि Indian pilot उनके कब्‍जे में है। जिसके बाद जेनेवा कंवेशन के तहत पायलट को रिहा करने के अलावा उसके पास कोई और विकल्‍प नहीं था।
  • Pakistan इस बात से अच्‍छी तरह से वाकिफ था कि भारत न तो पायलट की रिहाई के मुद्दे पर पीछे हट रहा है न ही आतंकवाद पर हुई बालाकोट में कार्रवाई पर ही कमजोर पड़ा है। लिहाजा वह पायलट के साथ कुछ गलत कर अपने हाथ नहीं जलाना चाहता था।
  • Pakistan इस बात को बेहद अच्‍छी तरह से जानता है कि जहां भारत के साथ इस मुद्दे पर पूरा विश्‍व खड़ा है वहीं Pakistan का साथ केवल इस्‍लामिक देशों का संगठन ही दे रहा है।
  • Pakistan इस बात से भी अच्‍छे से वाकिफ है कि फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने संयुक्‍त राष्‍ट्र में जैश ए मुहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्‍ताव रखा है। इस पर जल्‍द ही फैसला भी ले लिया जाएगा।
  • हाल ही में चीन के वुझेन में हुई चीन, रूस और अमेरिका की बैठक में आतंकवाद के मुद्दे पर साथ देने की बात कही गई है। Pakistan को कहीं न कहीं इससे डर लगा हुआ है कि चीन इस मुद्दे पर उससे छिटक सकता है।
  • संयुक्‍त राष्‍ट्र में ही पिछले दिनों चीन ने एक ऐसे मसौदे पर हस्‍ताक्षर किए थे जिसमें आतंकवाद पर लगाम लगाने की बात कही गई थी। हालांकि बाद में चीन ने इसको लेकर सफाई भी दी थी। लेकिन Pakistan को बार-बार चीन के अलग होने का डर सता रहा है।
  • Pakistan इस बात को अच्‍छे से जानता है कि यदि मसूद अजहर पर वैश्विक आतंकी होने की मुहर लग जाती है तो उसकी पूरी विश्‍व बिरादरी में काफी किरकिरी हो जाएगी। इतना ही नहीं इसका असर दूरगामी होगा। आपको बता दें कि एफएटीएफ ने हाल ही में Pakistan को ग्रे लिस्‍ट में ही बरकरार रखा है। यदि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया जाता है तो Pakistan को ब्‍लैकलिस्‍ट तक किया जा सकेगा।
  • बालाकोट में जिस तरह की कार्रवाई भारत ने की और इसमें मसूद अजहर के करीबी रिश्‍तदार मारे गए उससे Pakistan को कहीं न कहीं इस बात का भी डर सता रहा है कि कहीं ओसामा बिन लादेन पर हुई कार्रवाई की तरह ही भारत भी कोई कदम न उठा ले। यदि ऐसा हुआ तो Pakistan को अपनी ही जनता को जवाब देना काफी मुश्किल हो जाएगा।
  • आतंकवाद के मुद्दे पर Pakistan को सऊदी अरब का भी साथ नहीं मिला है। हालांकि सऊदी अरब ने Pakistan को आर्थिक संकट से उबारने के लिए बड़ी मदद की है, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर उसने भारत का साथ दिया है।
  • Pakistan यदि Indian pilot का नहीं छोड़ता तो उसको वैश्‍विक समुदाय से बेदखली का डर भी रहता। वहीं Pakistan सार्क समिट को लेकर भी अलग-थलग हो चुका है।
  • Pulwama हमले के बाद Pakistan पर पूरी विश्‍व बिरादरी का दबाव है कि वह कोई कदम ऐसा न उठाए जिससे तनाव बढ़े। इसके अलावा पूरा विश्‍व चाहता है कि वह अपने यहां पर आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई करे। अमेरिका इस बारे में खुलकर Pakistan को लताड़ भी चुका है।


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